सोमवार, 24 मई 2010
क्या हम लोगो ने इसलिए वोट दिए थे इन लोगो को
जब से हम आजाद हुए है तभी से भारत आतंक से पीड़ित है . पाक परस्त आतंक हो या नक्सलियों का आतंक हर समय अपनी दस्तक देता रहता है . और अपनी दहशत छोड़ जाता है भारतीय मानस के मन प़र . जिसमे अब तक हजारो सेना के जवान और आम आदमी अपनी जाने गवा चुके है . हजारो माओ की कोख उजड़ चुकी है सेकड़ो की मांग का सिंदूर सिंदूर छीन गया है . बच्चे अनाथ हुए है मॉस के चीथड़े लोगो ने देखे है . एसा मंजर देखकर गुस्सा तो आता ही है और दया भी आती है . लेकिन भारत सरकार इन हमलो की मूल जडो में न पहुचकर या तो राजनीति में उलझी रहती है या फिर मुआवजा देकर सब कुछ भुल जाती है . इंसान की कीमत को सरकार मुआवजों पैसो के बल प़र तोलती है क्या हमारे नेताओं ने अपना जमीर बेच खाया है . जब इन लोगो का कोई अपना जान गवाएगा क्या तब भी ये लोग मुआवज़े से संतुष्टि पायेंगे . एसी तुच्छ राजनीति है की देश की सुरक्षा उसके नागरिको की सुरक्षा में भी वोट बैंक की राजनीति में तोला जाता है . जब मीडिया में कोई मुद्दा हावी होता है तब ये लोग विकास विकास चिलाते है . गरीब दलितों के घर खाना खाते है हिन्दू आतंक चिल्लाते है . भारत की अब तक की विफल सरकारे आतंक और नक्सल प़र कोई रोक नही लगा पाई है . देश का ग्रहमंत्री कहता है उसके पास पूरे अधिकार नही है फिर क्यों वह कुर्सी प़र बैठा है क्या देश के लोगो का बहता खून देखने के लिये . पाकिस्तान से मित्रता की बाते करते है ये लोग नक्सलियों से बाते करने की पेशकश करते है ये लोग . रस्सी का साप बना कर रख दिया है इन लोगो ने . अब दंतेवाडा , का मुद्दा मीडिया प़र नही है अब एक और मुद्दा लाये है ये लोग . ' क्या राहुल बनेंगे प्रधान मंत्री . अरे मेरे देश के रहनुमाओं पहले वर्तमान स्थिति को तो संभाल लो २०१४ की सत्ता हथियाने की रणनीति पहले ही तयार कर रहे हो . मीडिया भी इन लोगो का साथ दे रहा है राहुल गांधी को एक हीरो की तरह बना दिया है इन लोगो ने . गरीबो के घर खाना खाने से क्या इनके सारे पाप धुल जायेंगे .क्यों की इनके लिये खून की अपने देश की कोई कीमत नही है घिन आती है एसी सरकारों प़र . जो अपने लोगो का खोंन बहता देखे और फिर गरीबो के घर खाना खाए .क्या हम लोगो ने इसलिए वोट दिए थे इन लोगो को
| प्रतिक्रियाएँ: |
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)



2 टिप्पणियाँ:
हर टिपण्णी के पीछे छुपी होती है कोई सोच नया मुद्दा आपकी टिपण्णी गलतियों को बताती है और एक नया मुद्दा भी देती है जिससे एक लेख को विस्तार दिया जा सकता है कृपया टिपण्णी दे