बुधवार, 16 मई 2012

शाहरुख़ की असली जगह जेल !

शारुख खान जिसे हमारा मीडिया किंग खान और बादशाह खान के नाम से पुकारता है विवादों में है ! दरअसल शारुख और विवादों का सिलसला लगा रहता है ! कभी शारुख अमेरिका में चैकिंग  को लेकर बवाल मचाता है तो कभी फराह खान के पति  को थप्पड़ जड़ देता है तो कभी सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीकर कानून को तोड़ता है ! कई बार तो यही शारुख खान सलमान खान और आमिर खान से भी पंगा ले लेता  है !
बार - बार हाथापाई करनेवाला शारुख खान अब  तक खुला घूम रहा है ! जब की आम आदमी को किसी से उंचा बोलने पर जेल में डाल दिया जाता है ! यदि आम आदमी हाथापाई करे तो पुलिस उसके साथ बहुत कुछ कर देती है लेकिन जब शारुख खान जैसा बड़ा स्टार खुले आम भारत के संविधान का मजाक बनाता है किसी को गली - गलोच देता है मारपीट करता है सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पिता है तब भी वह खुला घूमता रहता है ! क्या शारुख खान के खिलाफ भी पुलिस को वाही सख्ती नही बरतनी चाहिए जो वह किसी साधारण आम इंसान के साथ बरतती है ! अथवा रुपयों और शोहरत के बल पर सैफ और शारुख किसी से   मारपिटाई करते रहे उसे अनदेखा कर दिया जाना चाहिए ! यदि यह सब करने के बाद आम आदमी की जगह जेल है तो जेहादी मानसिकता वाले शाहरुख़ की भी जगह जेल ही होनी चाहिए !

गुरुवार, 10 मई 2012

अमरनाथ यात्रा के लिए सब्सिड़ी क्यों नही ?

भारत सरकार की ओर से प्रत्येक वर्ष भारतीय हज समिति के द्वारा हज के लिए जाने वाले मुसलमान तीर्थयात्रियों को हवाई किराए में सब्सिडी दी जाती है जिसका सारा खर्च स्वयं सरकार एयर इंडिया को अदा करती है. ..........................................................................................................
वहीँ अमरनाथ जाने वाले प्रत्येक यात्री का खर्च लगभग दस से बारह हजार रुपए आता है जिसे हर यात्री सवयम उठाता है ! यानी जिन परिवारों में पांच सदस्य है तो उनका खर्च प्रति व्यक्ति दस हजार के हिसाब से पचास हजार हुआ ! इस देश का आम आदमी जिसके पास इतना रुपया नही है अथवा १०० , २०० रुपया कमाने वाला आम आदमी अमरनाथ के दर्शन अपने परिवार के साथ नही कर सकता ! परिवार तो छोड़िये वह अकेला भी इतनी महंगी यात्रा नही कर सकता ! देश में लाखो लोग ऐसे हैं जो जीवन भर एक आस लगाये रहते हैं की वह भी अमरनाथ के दर्शन कर सकेंगे लेकिन अधिक खर्चे की वजह से उनकी यह इच्छा उनकी साथ ही मर जाती है ! सवाल उठता है मुसलमानों का विदेशी खर्चा उठाने वाली भारत सरकार इस देश के आम आदमी को कब समझेगी ! इस देश के देशभक्त हिन्दुओ का सम्मान कब करना सीखेगी ! वोट बैंक के लालच में कब तक हिन्दुओ की आत्मा पर प्रहार  करती रहेगी ! अपनी घाढ़ी खून - पसीने की कमाई से टेक्स  देने वाले और देश  को विकास की दिशा देने वाले समाज की अनदेखी कब तक करती रहेगी !जब देश के अल्पसंख्यक समाज को तीर्थ यात्रा के लिए सब्सिडी दी जा सकती है तो देश के बहुसंख्यक समाज के गरीबो को क्यों नहीं ?