बृहस्पतिवार, 20 मई 2010
जागो ग्रहमंत्री जी देश का सवाल है
देश की स्थिति बिगडती जा रही है कभी नक्सली तो कभी आतंकी देश को देहला रहे है लेकिन हमारे देश के ग्रहमंत्री कहते है उनके पास सिमित अधिकार है . आज चिदम्बरम गृह मंत्री की कुर्सी प़र बैठे है और रोज हो रहे हमलो को देखकर ब्यान दे रहे है उनके पास सिमित अधिकार है . तो क्या उनकी सरकार ने उनके हाथ बाँध रखे है यह सीधा आरोप है अपनी सरकार प़र . फिर क्यों वे पद प़र बने है जब उन्हें काम करने की आजादी ही नही ही है . यह तो सीधे - सीधे देश की सुरक्षा और देशवासियों के साथ खिलवाड़ हुआ . एक और ब्यान देखिये गृह मंत्री जी का ' सभी राज्यों के मुख्य मंत्री साथ दे . अब इस ब्यान से सवाल यह उठता है कोन सा मुख्यमंत्री है जो साथ नही दे रहा . छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंग जी ने तो इतना तक कह दिया ये नक्सली आतंकी है . फिर भी देश के ग्रह मंत्री कोई ठोस निर्णय नही ले पा रहे है . जब २६ - ११ का आतंकी हमला हुआ तब भी पूरा विपक्ष एक सुर में सरकार के साथ था . फिर भी हमले के १ साल बाद भी हाफिज़ सैयद , हेडली जैसे मास्टर माइंड भारत के हाथ नही लगे है . उलटे हम उस देश से कह रहे है की आतंकियों प़र कारवाई करो जो इनका जन्म दाता है जिसका मकसद ही भारत की बर्बादी है . हमारी सरकार न तो आतंकियों के खिलाफ कुछ करती है और न ही अपने देश में पनप रहे नक्सली जो की तालिबानियों का रूप धारण कर रहे है के खिलाफ कोई ठोस कारवाई करती है . तो क्या चिदम्बरम जी हम यह समझे नक्सली हो या आतंक ये दोनों ही आपके बलबूते के बाहर है . देश का ग्रहमंत्री पद प़र बने रहने के लिये देश की सुरक्षा को सिर्फ इसलिए ताक़ प़र रखे है चुकी उसे पद प़र रहना है भले ही देश की जनता को रोज - रोज कभी आतंकियों का तो कभी नक्सलियों का शिकार होना पड़े . भले ही देश की १०0 करोड़ जनता भैय के माहोल में पल - पल रोज मरे लेकिन आपको कोई फर्क नही पड़ता . आज आप लोगो के पास पावर है आदेश देने के लिये पावर है फिर भी आप लोग आम जनता को मरता देख कोई कारवाई नही करते और जब विपक्ष सख्त कारवाई की मांग उठाता है तो पता नही क्यों आप मानवता की बाते करते है . लेकिन आप लोगो को ये नही भूलना चाहिए नक्सली हो या , आतंकी आप तक भी पहुच सकते है क्या तब भी आप इसी प्रकार हाथ बांधे रहेंगे . जागो ग्रहमंत्री जी देश का सवाल है
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6 टिप्पणियाँ:
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