रविवार, 14 नवंबर 2010

बिग बोस ,राखी का ईसाफ . गलत टिप्पणी ,अश्लीलता बंद करो -बंद करो

लगता है भारतीय समाज को तोड़ने की कसम खाकर  आई है राखी सावंत तभी तो लेकर आई है राखी का इन्साफ .एसा इन्साफ जो बिना समझे सोचे विचारे फैसले सुनाता है . जबान से एसा निकलता है मानो कोई तानाशाही बादशाह सामने बैठकर फैसला सूना रहा हो . तभी तो एक भले चंगे आदमी को तनाव में भेज दिया जिससे  उसकी मृत्यु हो गयी .अब टीवी चैनल की गलती है या राखी को इस कार्यकर्म का होस्ट बनाने वालो की झासी का एक शख्स तो इन सबने मिल कर बलि ले लिया है . वैसे राखी ही नही एक और रियलिटी शो है जो भारत में अश्लीलता को इस कद्र फैला रहा के अच्छे अचो के पसीने छूट जाए . नाम उसका बिग बोस है बिग बोस में जिस तरह के लोगो ने भाग लिया उस प़र महान ब्लोग्गर सुरेश चिपलूनकर जी लिख चुके है . बिग बोस में सोच का दिवालियापन तो देखिये दो पति -पत्नी की सुहागरात दिखाकार या उसके कुछ दृश्य  दिखाकार टीआरपी कमाने के हथकंडे अपनाए जा रहे है . कभी पाकिस्तानी कलाकारों को बुलाते है कभी कसाब के वकील को और अब सेक्स का तडका . और भारतीय समाज गूंगा बहरा होकर इन्हें देख रहा है क्या भारतीय समाज भी अब पूरी तरह पश्चिमी सोच सभ्यता का हो चला है अथवा ये टीवी चैनल भारत को भी मानसिक तोर प़र दिवाला कर देंगे 

गुरुवार, 4 नवंबर 2010

अरै म्हारे सारे भाईया अर बहाणा न दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये

हां तो भाइयो अर बहैनो तम सब नै दीपावली की हार्दिक  शुभकामनाये .यूपी ,गुजरात , हरियाणा , महाराष्ट्रा , बिहार , उतराखंड , जम्मू , देल्ली , एम् पी , मद्रास , राजस्थान , पंजाब  सारया नै शुभकामनाये . एक और बात सै मेरे मन मह इस दिवाली  पै जो थारते कैहैन आया सू  इस दिवाली पै एक कार्य ईसा करो के जातिवाद की जड़ गड़ ज्या , इब सोचो वो कुकर भला .लेकिन उस्तै पहलया एक और बात वा या सै भाइयो जातिवाद ए नही बल्कि अमीरी गरीबी का भी अर उंच नीच का भेद भाव भी मिट ज्या . वो न्यू मिटाओ हर बार के होवे सै कोई भी आमिर आदमी अपने लेवल के अदमिया नै ए मिठाई गिफ्ट दे सै . किन्तु इब कै इसका उलटा करो भाइयो ठहार्रै घर धोरे कोए गरीब सै अथवा कोई दूसरी जाती का सै उसके घर नै तहम मिठाई पहुचाओ बल्कि ख़ुद देन जाओ .या शुरुआत तो कर की देखो मिठाई और भी ज्यादा मीठी और दिवाली और भी ज्यादा सुन्दर लगेगी .  अछ्या  भाइयो राम राम .
जय बाबा मुंगीपा . जय क्ष्री   राम