रविवार, 27 दिसंबर 2009

भारत में चुनाव होते है

भारत में चुनाव होते है यह सभी जानते है . लेकिन चुनावो में उम्मीदवार की जीत के पीछे छुपी होती है कई
कहानिया . एसी सच्ची  कहानिया  जो चुनावो को एक आन या शान की बात बना देती है . एक पूरी जाती के सम्मान की बात बना देती है .जातीय सम्मिकरण ही हार जीत का चुनाव करते है .भारतीयों में जाती को महानता के सत्र पर ले जाने का जज्बा दिनों दिन बढ़ रहा है . कोई भी उम्मीदवार कितना भी समझदार या जनता के सुख दुःख में काम आने वाला क्यों न हो उसकी जीत का दावा तब तक नही किया जा सकता जब तक जातीय  सम्मिकरण   उसके पक्ष में न हो .इस कदर भारत में जाती पाती का जहर दिनों दिन बढ़ता जा रहा है की कोई भी उम्मीदवार अच्छा हो लेकिन जब तक उसके जातीय सम्मिकरण साथ नही है उसका जीतना कठिन होता है .इसे देश का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा .लेकिन वह उम्मीदवार कोई भी हो चाहे कितने भी आरोप लगे हो उस पर लेकिन होना वोटर की जात का ही चाहिए . इस सोच से ही जाती पाती के जहर को और बढ़ावा मिलता है . बार बार जीतने से नागरिको में आपस की खाई बढती है और इसी कारण दबंग लोग पैदा होते है .

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