रविवार, 29 जनवरी 2012

अन्ना की चापलूसी में लिप्त क्यों है मीडिया



न्यूज़ चैनल आजकल पता नही किस लफड़े में पड़ गये है जहा अन्ना वहा मीडिया . खबरे कुछ ऐसी , अन्ना कराएंगे आयुर्वेदिक इलाज़ , अन्ना कर रहे है गाव में आराम , अन्ना हजारे की तबियत बिगड़ी , अन्ना ने कहा इस देश में लोकशाही नही है , अन्ना नही करेंगे राहुल -सोनिया के घर के बाहर धरना . पता नही क्यों ये मीडिया वाले अन्ना पर मेहरबान है ? पता नही क्या दे दिया है अन्ना ने मीडिया वालो को या फिर जहा से ये सब चलते है उन लोगो को ? आम जनता को इस बात से क्या लेना देना की अन्ना अंगेजी दवाई खाए या फिर देसी , क्या बेहूदा खबर है यह .अन्ना नही देंगे राहुल -सोनिया के घर के बाहर धरना लेकिन क्यों ? ये पूछा किसी मीडिया वाले ने ? पता नही अन्ना ने मीडिया को क्या दे दिया है की मीडिया में लगातार अन्ना छाए है ? मै तो समझता हूँ हमारे मीडिया चैनल्स को अन्ना की चिंता छोड़ देश की चिंता करनी चाहिए . अन्ना हजारे की उम्र के इस देश में बजुर्ग लोग जाड़े की वजह से मर रहे है चुकी उनके पास कम्बल नही है रजाई नही है ,घर नही है , दो वक्त की रोटी नही है लेकिन ये मीडिया वाले उस अन्ना का गुणगान कर रहे है उस अन्ना को सहानुभूति दिला रहे है जिसके पीछे देश के बड़े बड़े डाक्टर है . जिस इंसान के पास सब कुछ है उसी को देशवासियों के सामने बेचारा साबित करने में लगे है ताकि कुछ छवि मीडिया की भी सुधर जाए और अन्ना को फिर से लोकप्रियता का बादशाह बना दिया जाए . लेकिन इसके पीछे की एक और चाल है जिस वजह से अन्ना का चापलूस बन गया है मीडिया बाबा रामदेव की लोकप्रियता को तोड़ना . लेकिन इन लोगो यानी हमारे मीडिया बंधुओ को इतना समझना होगा की कितनी भी चापलूसी से आप लोग अन्ना को इस देश का न हीरो बनाने की कोशिश कर लो लेकिन अब इस देश की जनता सेकुलर मीडिया और सेकुलर अन्ना के जाल में नही फसेगी .

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