शनिवार, 7 अप्रैल 2012

भाजपा सावधान ……….टीम अन्ना से !

सांसदों पर चोर – लूटेरो जैसी टिप्पणी कर टीम अन्ना ने एक बात साफ़ कर दी है की कही न कही यह टीम चुनाव लड़ने की मंशा पाले हुए है वाही अब तक टीम अन्ना का साथ दे रही भाजपा को हिमाचल और मध्य प्रदेश के मामलो में झटका देकर टीम अन्ना ने भाजपा को भी कोंग्रेस भाजपा एक जैसी दिखाने की कोशिश की है यह दोनों ही घटनाएं भाजपा जैसी चाल चरित्र के दावे करने वाली पार्टी को भी तराजू के उस पलड़े में रखने की कोशिश है जिस पलड़े में बाकी पार्टिया ! ऐसे में यदि टीम अन्ना लगातार सुर्खियों में बनी रहती है तो इसके पीछे कही न कही टीम का मिशन २०१४ है ! अन्ना के जिस आन्दोलन में भाजपा से लेकर संघ और बाकी हिन्दू संघठन भीड़ जुटाने में सहयोग करते है उसी आन्दोलन की वजह से टीम अन्ना की बेबाक राए और टिप्पणिया उसे उस भीड़ का हीरो बना रही है जिसके हीरो नरेंद्र मोदी या संघ से जुड़े लोग निश्चित तोर से वह भीड़ राष्ट्रीय सोच की है वर्तमान वयवस्था सत्ता से दुखी है सरकार की गलत नीतियों से तंग है महंगाई आतंक से पीड़ित है इसे में यदि इस आन्दोलन को चलाने वाले खुदा न खास्ता चुनावों में कूद पड़ते है तो इसका खामियाजा भाजपा जैसे दल भुगतना होगा चुकी जो लोग महंगाई ,आतंक ,भ्रष्टचार ,दागियो से दुखी है वह लोग इस आन्दोलन का नेत्रित्व करने वालो को देश की सत्ता सोपने या भागीदारी देने में संकोच नही करेंगे . यदि एसा वाकई होता है तो इसका सीधा नुक्सान भाजपा को होगा चुकी यह वाही जनता होगी जो केंद्र सरकार से दुखी है और भाजपा को सता में लाने में अपने मत का उपयोग कर सकती है लेकिन जिस तरह से अन्ना और उनकी टीम टिप्पणी कर रहे है और मीडिया का सहयोग टीम को प्राप्त है कही न कही भाजपा को सावधान होने की जरुरत है और दुसरे के कंधो पर बन्दुक न रखकर खुद के कंधे पर बन्दुक रखकर चलाने की जरूरत है .

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