शुक्रवार, 4 नवंबर 2011

अन्ना एक खेल और खेलने की तैयारी में


श्री श्री रविशंकर यूपी दोरे पर है भ्रष्टाचार उनका मुद्दा है , बाबा रामदेव पंजाब की दस दिनों की यात्रा पर है ,आडवाणी जी का रथ आज मुंबई में है . ये सभी लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ जोर -शोर से हमला बोलने में लगे है .आजकल मिडिया में भी इन लोगो को जगह मिल रही थी .आडवाणी की रथयात्रा भी मुंबई पहुच रही है जाहिर है आज अडवाणी जी भी मिडिया की सुर्खियों में हो सकते थे . तेल की कीमते फिर बढ़ गयी है मीडिया और विपक्ष लगातार सरकार पर हमला तेज़ कर रहा था . एक जगह तो बीजेपी वालो ने दिग्विजय सिंह को काले झंडे दिखाए . दो तीन दिन से सरकार पर हमलो में तेज़ी थी ………सुबह उठा तो हर चैनल पर एक खबर देखी……. अन्ना ने मोन वर्त तोडा . मै समझ नही पा रहा था की ये बड़ी खबर क्यों है इस देश में हजारो लोग मोन वर्त रखते है उन्हें तो कभी टीवी पर नही दिखाया जाता ,पिछले बारह दिनों से गौ माता पर हो रहे अत्य्चारो को लेकर एक साधू महाराज कुरुक्षेत्र में अनशन पर बैठे है उन्हें तो इलेक्ट्रोनिक मीडिया ने कभी नही दिखाया . ऐसे माहोल में अन्नागान हो रहा है जब देश मे आम आदमी के ऊपर महंगाई का बोझ और बढाया जा रहा है . अन्ना हजारे राजघाट पर बोल रहे थे भारत माता की जय ……मै समझ नही पा रहा हूँ की जब अन्ना से सवालों -जवाबो का सिलसला शुरू होता है तब वे मोन पर चले जाते है और जब साधू संत भ्रष्टाचार के विरोध में उतरते है तो वे अचानक अपना मोन तोड़ देते है भारत माता की जय के नारे लगाने लगते है …..उनके भारत माता के जय के नारों में मुद्दे कही खो जाते है जैसे पिछली बार जब वो क्रांतिकारी बनकर सामने आये तो शीला की कुर्सी बच गयी ,कोम्न्वेल्थ की बहस अन्ना के आन्दोलन की टीआरपी में खो गयी . अब फिर एक बार भारत की जनता के बीच देश के नेता आडवाणी जाने -माने साधू संत जा रहे है अलख जगाने की कोशिश कर रहे है .लेकिन फिर से अन्नागान मीडिया कर रहा है और अन्ना फिर से आन्दोलन की बाते कर रहे है .लगता है जो गुस्सा जनता अब महंगाई को लेकर सरकार पर उतरने वाली थी वाही जनता अब अन्ना के भारत माता के जय के नारों में ,कैंडल जगाओ भ्रष्टाचार भगाओ जैसे तरीके अपनाएगी .लगता है मुद्दे फिर से कही गुम हो जायेंगे इस बार भी .लेकिन इस सबके पीछे अन्ना कोन सा खेल -खेल रहे है यह समझना जरूरी है जहा तक मेरा अनुमान है वह एसा इसलिए कर रहे है .
१ उन्हें लगता है आडवाणी ,बाबा रामदेव ,श्री -श्री , मुरारी बापू उनसे लोकप्रियता में कही आगे निकल जायेंगे .
२ जिस अमेरिकी परस्त मीडिया ने इस अन्ना आन्दोलन को सफल बनाया था उसे लग रहा है की अब यदि अन्ना को आगे नही किया गया तो देश की साधू संत भारत की जनता को जगा देंगे
३ यदि अन्ना ने आन्दोलन नही किया और साधू -संतो की लोकप्रियता बढती रही तो आने वाली सरकार जिसकी भी हो उस सरकार से अमेरिका जैसे देश अपना हित नही साध सकेंगे लेकिन अन्ना का आन्दोलन हुआ तो श्रेय मीडिया के आकाओं को भी जाएगा
इसलिए अब अन्ना हजारे ने तेज़ी से अपना मोन वर्त तोड़ दिया है चुकी वे अच्छी तरह जानते है बेशक बाबा लोग पूरा भारत घूम ले लेकिन उनका एक छोटा सा ब्यान भी मीडिया की सुर्खिया होगा . बेशक बाबा लोग भारत की जनता को जगा दे लेकिन मीडिया में गान तो अन्ना का ही होगा . चुकी हिन्दू साधू संतो की अच्छाई तो ये मीडिया देश को बताने से रहा ऐसे मे फिर से एक बार साधू संतो को समाज में ज्यादा तवज्जो न मिले इसलिए फिर से प्रायोजित ढंग से एक और आन्दोलन छेड़ने की बाते हो रही है . जिसमे गाव -गाव राज्य -राज्य जाने वाले साधू – संतो से ज्यादा तवज्जो मात्र एक नारा देने वाले अन्ना हजारे को दी जाएगी और फिर से अन्ना हजारे को संत बना दिया जायेगा …….जिसमे न मुद्दे होंगे और न ही कोई देशभक्ति बस मीडिया की चका चोंध होगी और उसमे गुमराह होती जनता. अन्ना और मीडिया यह खेल तभी खेलते है जब भारत की जनता जाग रही होती है  अब अन्ना एसा इसलिए भी कर सकते है चुकी उन्हें अपनी लोकप्रियता का ग्राफ संभलना है और इसलिए भी की उन्हें किसी क फायदा पहचाना है . 
नोट-लेख अनुमानित
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