मंगलवार, ९ फरवरी २०१०

पाकिस्तान को किसी भी तरह की मदद बंद कर देनी चाहिए

आज तक देश प़र जितने भी हमले हुए सभी  पाकिस्तान ने किये . फिर भी उसे हर तरह की मदद हम देते रहे है . वह उस मदद का कोई एहसान नही मानता . बल्कि वो इस मदद को एक डर  समझता है हमारी कमजोरी समजता है . फिर भी हम उस सांप को पानी पिलाते है . अनाज ,सब्जिया, पानी सभी कुछ देते है बदले में हम उसकी लात खाते है .अब वक्त लात खाने का नही मारने का है न तो हम उससे कमजोर है और न ही छोटे . हर बार सेनाध्यक्ष का बयान होता है 'अगर पाक हम प़र हमला करता है तो हमारा तो केवल डेल्ही या कोई एक स्टेट  ख़त्म होगी  उसका तो पूरा नक्षा ही खत्म हो जायेगा ' लेकिन सभी को पता है नक्षा उसका नही हमारा खत्म हो रहा है .भले ही धीरे -धीरे . कश्मीर में कट्टरपंथी फ़न उठाये खड़े है . कभी विदेशी करंसी चलाने की बात होती है . और हम अमन की आशा चलाने की बात करते है . जितना दूध पाक नाम के सांप को पिलाया जाता है उतना नेपाल जैसे देश में लगाया जाये और उसे हर सुविधा दी जाये तो हमें चीन से भी डरने की जरुरत न पड़े . हथियार दिए जाये नेपाल को रोजगार दिया जाये . सेना में भी भर्ती नेपालियों को दी जाये .इससे दोनों देशो के सम्बन्ध मज़बूत होंगे . लेकिन हमारे देश में तो उसे दोस्त कहा जाता है जो हमे लात मारता हो .हर बार पाक नाम का सांप कुछ न कुछ गड़बड़ भारत में करता रहता है और हम उसी के खिलाडियों  को खिलाने  की बात करते है . सब तरह की मदद बंद होनी चाहिए पाक को . पाक का खिलाडी तो क्या कोई नागरिक भी नही आना चाहिए इस देश में तभी उसे भारत की अहमियत समझ में आयेगी

1 टिप्पणियाँ:

RAJNISH PARIHAR ने कहा…

बिलकुल ठीक..!विभाजन की मांग भी पाकिस्तान ने ही की थी.,हम पर तीन बार प्रत्यक्ष और अनेक बार अप्रत्यक्ष हमले वो कर चूका है!अब और क्या प्रमाण चाहिए?क्यूँ हमारी सरकार झुकती जाती है!एक मजबूत और महान देश से कठोरता की अपेक्षा की जाती है ,जो जायज़ भी है..!बहुत ही अच्छे विचार...

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